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विधायक बनकर बैंक में पौने छह लाख का फर्जीवाड़ा



अबतक जालसाज आम लोगों को फोनकर शिकार बनाते रहे लेकिन अब बैंक भी उनके निशाने पर हैं। एक विधायक के नाम पर जालसाज ने बैंक मैनेजर को फोन कर 5.70 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक के पाटलिपुत्र शाखा के एक खाते में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत मिलने पर बैंक अफसरों के होश उड़ गए। इस प्रकरण के सार्वजनिक होने के अंदेशे को देखते हुए बैंक ने खाताधारक के खाता में शाखा के खाते से रकम वापस कराई।


इस मामले की गंम्भीरता को देखते हुए बैंक 20 दिनों तक मामले को दबाए रखा। अफसरों ने मैनेजर को शाखा से हटाकर मण्डलीय कार्यालय में संबद्धकर आंतरिक जांच बैठा दी है। बैंक ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध गीडा थाने में तहरीर दी।


थाना प्रभारी ने तहरीर को साइबर क्राइम ब्रांच को सौप दी है। अब साइबर क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है। 31 दिसम्बर को एसबीआई कीआईटीएम गीडा शाखा (अब नौसढ़ शाखा) के मैनेजर को फोनकर खुद को विधायक बताते हुए अपने संस्थान के खाते से आईसीसीआई बैंक के पाटलिपुत्र शाखा में एक खाते में 5.70 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। उस व्यक्ति ने एक ईमेल भी बैंक को भेजा। कहा कि अभी कुछ देर बाद शाखा पर आएंगे तो ट्रांसफर बाउचर पर हस्ताक्षर कर देंगे। बैंक मैनेजर ने भी बिना किसी जांच पड़ताल के इतनी बड़ी रकम जालसाज द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दी। सूत्र बातते हैं कि गलत मेल आईडी होने के बाद भी मैनेजर ने उसपर भरोसा कर लिया।


स्टेटमेंट चेक करने पर उड़े होश


कुछ दिनों बाद जनप्रतिनिधि ने जब अपना बैंक स्टेटमेंट चेक किया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। इतनी बड़ी रकम के दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जाने पर उन्होंने बैंक अफसरों से इसकी शिकायत दर्ज कराई। बैंक के साथ इस कदर धोखाधड़ी पर शाखाकर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण को 20 दिनों तक दबाए रखा गया। बैंक की साख पर सवालिया निशान खड़ा होता देख अफसरों ने जनप्रतिनिधि के खाते से ट्रांसफर हुई रकम जनवरी के पहले सप्ताह में उनके खाते मे जमा कराई। इस बीच बैंक मैनेजर का तबादला कर दिया गया। इस धोखाधड़ी को लेकर शाखा के कर्मचारी चुप्पी साधे रहे।


मामला सार्वजनिक होने पर बैंक ने जारी किया बयान


इस प्रकरण के सार्वजनिक होने के बाद मंगलवार को एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष मठपाल ने एक बयान जारी कर कहा कि शाखा द्वारा ग्राहक का आदेश मानकर राशि का स्थानान्तरण किया गया था। ग्राहक की शिकायत मिलने पर बैंक प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक जांच की जा रही है। ग्राहक के खाते में राशि को बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही निजी बैंक को संबंधित खाते पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक के मुताबिक इस मामले में पुलिस में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।


एसबीआई की नौसढ़ शाखा से गलत खाते में पैसे ट्रांसफार्मर हो गए है। मामले की जांच की जा रही है। शाखा ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस भी मामले में जांच कर रही है। साइबर क्राइम सेल भी मामले की जांच में जुटी है।


- पीसी बरोड़, एसबीआई, डीजीएम

 
 
 

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