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चीन ने पहली बार स्वीकारा गलवान झड़प में मारे गए थे उसके सैनिक, जारी किए 4 सैनिकों के नाम




लद्दाख (Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley) में पिछले साल जून में हुए संघर्ष में मारे गए अपने सैनिकों को लेकर चीन (China) ने लगभग नौ महीने तक चुप्पी साधे रखी. हालांकि, अब ‘ड्रैगन’ की चुप्पी टूटी है और उसने मारे गए अपने जवानों को लेकर जानकारी दी है. चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ के अखबार के हवाले से बताया है कि गलवान में चीन के चार सैनिक (Four Chinese Soldiers) मारे गए. वहीं, चीन ने क्षेत्र में तनाव पैदा का जिम्मेदार भारत को ठहराया है.


गौरतलब है कि इस झड़प में भारतीय पक्ष के 20 जवान शहीद हो गए थे. हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया था कि इस झड़प में चीन के 40 से अधिक जवान हताहत हुए थे.

नौ महीने में ये पहला मौका है, जब चीन ने इस घटना में मारे गए अपने जवानों की जानकारी दी है. ग्लोबल टाइम्स में भारतीय सेना पर आरोप लगाया है कि इसके सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को पार कर रहे थे. इसमें कहा गया है कि भारतीय सैनिक बड़ी संख्या में LAC पर तैनात किए गए. खबर में चीन के सैनिकों का गुणगान किया गया है.


45 साल में पहली बार सीमा पर हुआ संघर्ष


मई की शुरुआत से ही चीन की सेना LAC की ओर बढ़ रही थी. इसके बाद भारतीय जवान सतर्क हो गए. हालांकि, चीन की इस आक्रामक चाल के चलते दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता गया. अंततः 15 जून की मध्य रात्रि को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ. गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुई झड़प पिछले 45 सालों हुआ सबसे भयंकर सीमा विवाद था. इसमें भारतीय पक्ष के 20 जवान शहीद हुए, जिन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. दूसरी ओर, चीन के सैनिक भी बड़ी संख्या में हताहत हुए, लेकिन इसने ये बात दुनिया से छिपाई रखी.


अग्रिम मोर्चे से पीछे हट रहे हैं चीनी सैनिक


वहीं, अब भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनाव कम होता नजर आ रहा है. दोनों देशों की सेनाओं ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात अपने सैनिकों को पीछे करना शुरू कर दिया है. ऐसे में नौ महीने से जारी तनाव कम होता हुआ नजर आ रहा है. हालांकि, भारत चीन की हर चाल पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. भारतीय सेना ने मंगलवार को कुछ छोटे वीडियो और तस्वीरें जारी की थी. इनमें पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो (झील) के आसपास के स्थानों से चीनी सेना द्वारा अपने सैनिकों की संख्या में कम किए जाने और उसके द्वारा अपने बंकर, शिविर और अन्य सुविधाओं को नष्ट करते देखा जा सकता है.


वीडियो में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी


(पीएलए) द्वारा कुछ संरचनाओं को समतल करने के लिए बुलडोजर का उपयोग करते हुए दिखाया गया है. साथ ही, इसमें चीन के सैनिकों को उपकरण, वाहनों के साथ पीछे हटने की तैयारी करते भी दिखाया गया है. सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पिछले हफ्ते बुधवार को शुरू हुई थी.

 
 
 

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